आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय रतनपुर, छत्तीसगढ़ में 100% केंद्रीय सहायता से डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को स्वीकृति देगा: श्री तोखन साहू

नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज घोषणा की कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा छत्तीसगढ़ के रतनपुर में एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (डीएचपी) को स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

 

यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत विकसित की जा रही है और देश के आवास क्षेत्र में “ग्रीन एवं उभरती प्रौद्योगिकियों” को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य को नवीन निर्माण तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

 

परियोजना को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता से लागू किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹10 करोड़ है। इसके अंतर्गत लगभग 40 उच्च गुणवत्ता वाले आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें आपदा-रोधी, टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

 

यह आवास पारंपरिक स्वामित्व मॉडल के तहत आवंटित नहीं किए जाएंगे, बल्कि सामाजिक उपयोग हेतु विकसित किए जाएंगे। इनका उपयोग सामुदायिक गतिविधियों तथा राज्य एवं देश भर से सिद्ध शक्तिपीठ माता महामाया के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए किया जाएगा। इससे स्थानीय अधोसंरचना सुदृढ़ होगी तथा धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए श्री साहू ने कहा कि यह पहल नवाचार, सतत एवं किफायती आवास समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम है। रतनपुर का यह डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट नई निर्माण तकनीकों के लिए एक “लिविंग लैबोरेटरी” के रूप में कार्य करेगा, जिससे निर्माण की गति तेज होगी, संरचनात्मक गुणवत्ता बेहतर होगी तथा लागत दक्षता सुनिश्चित होगी।

 

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा पारंपरिक ईंट-गारे आधारित निर्माण के स्थान पर वैकल्पिक निर्माण सामग्रियों की व्यवहार्यता को प्रमाणित करेंगी।

 

परियोजना प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति हेतु केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) को प्रस्तुत किया गया है। भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद (बीएमटीपीसी) द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्माण कार्य “ग्रीन हाउसिंग” के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो।

 

कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाली तथा निर्माण अवधि को 12–15 महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखने वाली यह परियोजना भविष्य में छत्तीसगढ़ एवं देश के अन्य राज्यों में शहरी आवास विकास के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगी।

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