ओडिशा और देहरादून के मीडिया प्रतिनिधिमंडलों ने NTPC कोरबा का दौरा कर दक्षता और पर्यावरणीय पहलों की जानकारी ली

छह वर्षों से लगातार एनटीपीसी के स्टेशनों में सर्वाधिक पीएलएफ, राख उपयोग और हरित क्षेत्र की पहल से कराया गया अवगत

पत्र सूचना कार्यालय, भुवनेश्वर और पत्र सूचना कार्यालय, देहरादून द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए आयोजित अंतरराज्यीय मीडिया एक्सपोजर टूर के तहत ओडिशा और देहरादून के मीडिया प्रतिनिधिमंडलों ने आज एनटीपीसी कोरबा का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में शामिल एनटीपीसी कोरबा की कार्यप्रणाली, परिचालन दक्षता, तकनीकी हस्तक्षेप, पर्यावरण संरक्षण तथा सामुदायिक विकास से जुड़ी पहलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की।

मीडिया प्रतिनिधिमंडलों के साथ एनटीपीसी कोरबा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में एनटीपीसी कोरबा के कार्यकारी निदेशक किशोर चंद्र पात्रा तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने संयंत्र के प्रदर्शन, संचालन और विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी दी। संवाद के दौरान ओडिशा और देहरादून से आए पत्रकारों को विद्युत उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र में एनटीपीसी कोरबा के योगदान को जमीनी स्तर पर समझने का अवसर मिला।

एनटीपीसी कोरबा की स्थापित क्षमता 2,600 मेगावाट है। संयंत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में 87.71 प्रतिशत का प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) दर्ज किया, जो इस वित्त वर्ष में एनटीपीसी के सभी स्टेशनों में सर्वाधिक रहा। एनटीपीसी कोरबा ने लगातार छह वर्षों से एनटीपीसी के स्टेशनों में सर्वाधिक प्लांट लोड फैक्टर दर्ज किया है। इस अवधि में संयंत्र ने 94.85 प्रतिशत घोषित क्षमता तथा 95.33 प्रतिशत ऑन-बार उपलब्धता भी हासिल की।

प्रतिनिधिमंडलों को बताया गया कि एनटीपीसी कोरबा से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा को विद्युत आपूर्ति की जाती है। वित्त वर्ष 2025-26 में संयंत्र ने एनटीपीसी के कोयला आधारित विद्युत स्टेशनों में सर्वाधिक परिचालन आय दर्ज की। इस दौरान विशिष्ट तेल खपत 0.178 मिलीलीटर प्रति किलोवाट घंटा रही।

परिचालन दक्षता के संबंध में पत्रकारों को बताया गया कि यूनिट-7 ने लगातार 455 दिनों तक तथा यूनिट-1 ने 495 दिनों तक निरंतर संचालन का रिकॉर्ड बनाया। संयंत्र की स्टेज-1 की तीनों इकाइयां एनटीपीसी की सबसे लंबे समय तक लगातार संचालित रहने वाली शीर्ष पांच इकाइयों में शामिल रहीं।

पर्यावरणीय स्थिरता एनटीपीसी कोरबा की प्रमुख पहलों में शामिल है। संयंत्र ने अपने कुल क्षेत्रफल के 33 प्रतिशत से अधिक हिस्से में हरित क्षेत्र विकसित किया है। यहां 30 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और इनकी जीवित रहने की दर 95 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। पुनर्वासित चरपारा ऐश डाइक क्षेत्र में भी 4.5 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

प्रतिनिधिमंडलों को फ्लाई ऐश के उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एनटीपीसी कोरबा ने कुल 60.71 लाख मीट्रिक टन राख का उपयोग किया, जो निर्धारित वार्षिक लक्ष्य का 108.48 प्रतिशत रहा।

मीडिया प्रतिनिधियों को एनटीपीसी कोरबा की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इन पहलों के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, खेल तथा सामुदायिक आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मोबाइल हेल्थ यूनिट के माध्यम से आसपास के गांवों में 25,000 से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, गर्ल एम्पावरमेंट मिशन के तहत हाल में 36 गांवों के 41 स्कूलों के 660 विद्यार्थियों को शामिल किया गया।

प्रतिनिधिमंडलों को प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी थ्रू अपग्रेडेड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (पीएम-सेतु) में एनटीपीसी कोरबा की भूमिका की भी जानकारी दी गई। इस पहल के तहत एनटीपीसी कोरबा क्षेत्र के पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, उपकरणों के उन्नयन, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप ट्रेड तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से मजबूत बनाने में सहयोग कर रहा है। कोरबा क्लस्टर में पीएम-सेतु के क्रियान्वयन के लिए एनटीपीसी कोरबा ने पांच वर्षों में 42 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई है।

ओडिशा और देहरादून से आए मीडिया प्रतिनिधिमंडलों का यह दौरा विद्युत उत्पादन, परिचालन दक्षता, पर्यावरण प्रबंधन, कौशल विकास और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में एनटीपीसी कोरबा की विभिन्न पहलों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर रहा। इस दौरान पत्रकारों को क्षेत्रीय विकास और ऊर्जा क्षेत्र में एनटीपीसी कोरबा की भूमिका की व्यापक जानकारी प्राप्त हुई।

Editor In Chief Sheetal  के बारे में
For Feedback - newslive7000@gmail.com

LATEST Post

भारत की राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए देश के विकास में शैक्षणिक उत्कृष्टता, कौशल विकास और उद्यमिता का बहुत महत्व है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रविष्टि तिथि: 05 SEP 2026 3:09PM

© 2026 | All rights reserved | Made With By WebpressHub.net