स्टील लैडल लाइफ में भिलाई इस्पात संयंत्र का राष्ट्रीय कीर्तिमान स्टील मेल्टिंग शॉप-2 और 3 ने रचा इतिहास, उत्पादन दक्षता और सुरक्षा में स्थापित किए नए मानक

भिलाई इस्पात संयंत्र ने इस्पात निर्माण के क्षेत्र में परिचालन उत्कृष्टता का नया अध्याय जोड़ते हुए स्टील लैडल लाइफ में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है। संयंत्र की स्टील मेल्टिंग शॉप-3 ने 153 हीट्स तथा स्टील मेल्टिंग शॉप-2 ने 151 हीट्स की रिकॉर्ड लैडल लाइफ हासिल कर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि को संयंत्र की “ट्विन सक्सेस स्टोरी” के रूप में देखा जा रहा है, जिसने तकनीकी दक्षता, प्रक्रिया अनुशासन, रिफ्रैक्टरी प्रबंधन और विभागीय समन्वय के उच्च मानकों को स्थापित किया है।

संयंत्र प्रबंधन के अनुसार, इस उपलब्धि में SAIL Refractory Company Limited तथा SRU की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों इकाइयों द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली रिफ्रैक्टरी ब्रिक्स की आपूर्ति, तकनीकी सहयोग तथा उत्कृष्ट निष्पादन ने लैडल प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक योगदान दिया। यह उपलब्धि रिफ्रैक्टरी निर्माण में सेल की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीकी क्षमता का भी सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।

मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरी) प्रोसेनजीत दास, मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप-2) एस. के. घोषाल तथा मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप-3) त्रिभुवन बैठा के नेतृत्व में स्टील मेल्टिंग शॉप्स और रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह उपलब्धि संभव हो सकी। विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि यह संपूर्ण उपलब्धि पूर्ण सुरक्षा मानकों के पालन और शून्य दुर्घटना के साथ हासिल की गई, जो संयंत्र में विकसित मजबूत सुरक्षा संस्कृति और जिम्मेदार कार्य व्यवहार को दर्शाती है।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंगलवार को रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित समारोह में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि विभाग में अपार क्षमता मौजूद है तथा अब आवश्यकता इस क्षमता को और अधिक स्मार्ट एवं कुशल कार्यप्रणालियों के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की है। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे हाउसकीपिंग प्रयासों की भी सराहना की।

मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप-2) एस. के. घोषाल ने कहा कि लैडल लाइफ में सुधार तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसे सुरक्षा और निर्बाध संचालन के साथ प्राप्त किया जाए। उन्होंने प्रक्रिया अनुशासन और सतत निगरानी को लैडल लीकेज जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन योजना एवं नियंत्रण) प्रवीण राय भल्ला ने रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग की प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन की सराहना की, वहीं महाप्रबंधक प्रभारी (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) संजय कुमार अग्रवाल ने कार्यस्थल सुरक्षा और कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कौशल विकास पर बल दिया।

समारोह के समापन अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग) प्रोसेनजीत दास ने इस सफलता का श्रेय कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार के सतत मार्गदर्शन और सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि स्टील मेल्टिंग शॉप-2 और स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में एक साथ प्राप्त यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि परिचालन उत्कृष्टता केवल आधुनिक उपकरणों से नहीं, बल्कि कर्मचारियों और संविदा कर्मियों की प्रतिबद्धता, समर्पण और सामूहिक प्रयासों से हासिल होती है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में उत्पादन उपलब्धियों, बेहतर स्टील लैडल प्रदर्शन तथा टॉरपीडो लैडल लाइफ में सुधार सहित अनेक महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं। संयंत्र का रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग विशिष्ट रिफ्रैक्टरी खपत में कमी, प्रक्रिया दक्षता में वृद्धि, परिचालन स्थिरता तथा इस्पात उत्पादन की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

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